महत्वपूर्ण बिन्दु
  • किसी स्थान का परिवेश जिसमें पौधे , जन्तु एवं अन्य जीव रहते हैं , उनका सजीव एवं उनका परिवेश आवास कहलाता है ।
  • विभिन्न प्रकार के पौधे एवं जन्तु एक ही आवास में एक साथ रह सकते हैं ।
  • पौधों और जीवों के विशिष्ट लक्षण एवं स्वभाव जो उन्हें एक आवास विशेष में रहने के अनुकूल बनाते हैं , अनुकूलन कहलाता है ।
  • आवास अनेक प्रकार के होते हैं , परन्तु सामान्यत : इन्हें स्थलीय ( जमीन पर ) एवं जलीय आवास ( जल में ) में वर्गीकृत किया जाता है ।
  • विभिन्न आवास में सजीवों की विविध प्रजातियाँ पाई जाती हैं ।
  • पौधे , जन्तु एवं सूक्ष्म जीव संयुक्त रूप से जैव घटक बनाते हैं ।
  • चट्टान , मिट्टी , वायु , जल , प्रकाश एवं ताप हमारे परिवेश के कुछ अजैव घटक है ।
  • सजीव वस्तुओं के कुछ सामान्य लक्षण हैं , उन्हें भोजन की आवश्यकता होती है , वे श्वसन , उत्सर्जन , पर्यावरण के प्रति अनुक्रिया , प्रजनन , वृद्धि एवं गति करते हैं ।


अभ्यास
प्रश्न 1.  आवास किसे कहते हैं ?
 उत्तर - वह परिवेश जिसमें पौधे और जन्तु रहते हैं , उनका आवास कहलाता है ।

प्रश्न 2. कैक्टस मरुस्थल में जीवन - यापन के लिए किस प्रकार अनुकूलित हैं ?
 उत्तर - कैक्टस वाष्पोत्सर्जन द्वारा जल की बहुत कम मात्रा निष्कासित करता है । पत्तियाँ या तो बहुत छोटी होती हैं या वे काँटे के रूप में होती हैं , जो पत्तियों से होने वाले वाष्पोत्सर्जन से होने वाले जल हास में कमी लाती हैं । कैक्टस में दिखाई पड़ने वाली पत्तियों जैसी संरचना वास्तव में इसका तना है । इन पौधों में  प्रकाश - संश्लेषण की क्रिया तने द्वारा होती है । तना एक मोटी परत से ढका होता है , जिससे पौधों को जल संरक्षण में सहायता मिलती है । कैक्टस की जड़ें जल अवशोषण के लिए मिट्टी में बहुत गहराई तक चली जाती है ।

प्रश्न 3.  रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए ।
(क) पौधे और जन्तुओं में पाए जाने वाले विशिष्ट लक्षण जो उन्हें आवास विशेष में रहने योग्य बनाते हैं, अनुकूलन कहलाते हैं ।
(ख) स्थल पर पाए जाने वाले पौधों और जन्तुओं के आवास को स्थलीय आवास कहते है ।
(ग) वे आवास जिनमें जल में रहने वाले पौधे एवं जन्तु रहते हैं , जलीय आवास कहलाते हैं ।
(घ) मृदा , जल एवं वायु किसी आवास के अजैव घटक है ।
(ङ) हमारे परिवेश में होने वाले परिवर्तन जिनके प्रति हम अनुक्रिया करते हैं, उद्दीपन कहलाते हैं ।

प्रश्न 4.  निम्नलिखित सूची में कौन - सी निर्जीव वस्तुएँ हैं :
हल , छत्रक , सिलाई मशीन , रेडियो , नाव , जलकुम्भी , केंचुआ ।
उत्तर - हल , सिलाई मशीन , रेडियो , नावा

प्रश्न 5.  किसी ऐसी निर्जीव वस्तु का उदाहरण दीजिए , जिसमें सजीवों के दो लक्षण परिलक्षित होते हैं ।
उत्तर - उदाहरण : कार ।
सजीवों के दो लक्षण : ( i ) लोकाचार ( ii ) ऑक्सीजन की आवश्यकता ।

प्रश्न 6. निम्न में से कौन - सी निर्जीव वस्तुएँ किसी समय सजीव का अंश थीं : मक्खन , चमड़ा , मृदा , ऊन , बिजली का बल्ब , खाद्य तेल , नमक , सेब , रबड़ । उत्तर- मक्खन , चमड़ा , ऊन , खाद्य तेल , सेब , रबड़ ।


प्रश्न 7.  सजीवों के विशिष्ट लक्षण सूचीबद्ध कीजिए । 
उत्तर - सजीवों की सामान्य विशेषताएँ या लक्षण निम्न हैं : (i) वृद्धि (ii) भोजन की आवश्यकता (iii) श्वसन (iv) उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया (v) उत्सर्जन (vi) प्रजनन (vii) गति ।

प्रश्न 8.  घास के मैदानी क्षेत्र में रहने वाले जन्तुओं को अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए तीव्र गति क्यों आवश्यक है ? (संकेत : घास स्थल आवासों में छिपने के लिए वृक्षों की संख्या बहुत कम होती है ।)
उत्तर - मैदानों में जन्तुओं के छिपने के लिए वृक्षों की संख्या बहुत कम होती है । चीता हिरन को खाता है । बचने के लिए , हिरन चीते से तेज भागता है । इस प्रकार घास के मैदानों में जीवन के लिए जन्तुओं की गति बहुत महत्वपूर्ण होती है ।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

 प्रश्न 1.  जैव घटक क्या है ?
उत्तर - पौधों और जन्तुओं जैसी सजीव वस्तुएँ अपने आवास के जैव घटक हैं ।

प्रश्न 2. आवास की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
उत्तर - सभी सजीव अपने भोजन , जल , वायु , आश्रय और अन्य आवश्यकताओं के लिए अपने आवास पर निर्भर होते हैं , अत : इसकी आवश्यकता पड़ती है ।


प्रश्न 3.  अजैव घटक क्या हैं ?
उत्तर - चट्टान , मिट्टी , वायु और जल जैसी निर्जीव वस्तुएँ अपने आवास अजैव घटक हैं ।

प्रश्न 4.  मरुस्थल का वर्णन कीजिए ।
उत्तर - मरुस्थल में पानी की बहुत कमी होती है । दिन के समय यहाँ बहुत गर्मी होती है और रात्रि के समय बहुत ठण्ड । मरुस्थल वस्तुत : एक ऐसा भू - क्षेत्र होता है , जहाँ मिट्टी रेत में बदल जाती है ।

प्रश्न 5.  ऊँट किस प्रकार मरुस्थलीय परिवेश का अनुकूलन करता है ?
उत्तर - ऊँट की शारीरिक बनावट मरुस्थलीय स्थितियों में जीवन के प्रति इसकी सहायता करती है । ऊँट के लम्बे पैर गर्म रेत से उसके शरीर को दूर रखते हैं । वे कम मात्रा में मूत्र उत्सर्जित करते हैं , उनका गोबर शुष्क होता है और उन्हें पसीना नहीं आता । चूंकि ऊँट अपने शरीर से बहुत कम जल की क्षति करते हैं , अत : वे काफी दिनों तक बिना जल पिए रह सकते हैं ।

प्रश्न 6.  पर्यानुकूलन क्या है ? यह अनुकूलन से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर - किसी जीव में थोड़े समय में ही कुछ ऐसे परिवर्तन हो सकते हैं , जो उसके परिवेश के परिवर्तन में उसकी सहायता करते हैं । उदाहरण के लिए , यदि हम मैदानों में रहते हैं और एकाएक ऊँचे पर्वतीय प्रदेश में जाते हैं तो वहाँ सांस लेने में हमें परेशानी का अनुभव होता है और कुछ दिनों के लिए हमें शारीरिक अभ्यास करना पड़ता है । ऊँचे पर्वतों पर जाने पर हमें तेज - तेज सांस लेनी पड़ती है । कुछ दिनों के बाद ,, हमारा शरीर ऊँचे पर्वत की स्थितियों के अनुसार शारीरिक परिवर्तन कर लेता है । परिवेश परिवर्तन से उत्पन्न समस्याओं से निबटने के लिए , किसी एकल जीव द्वारा थोड़े से समय के भीतर , शरीर में हुए ऐसे परिवर्तनों को पर्यानुकूलन कहते हैं । ये परिवर्तन अनुकूलन से भिन्न होते हैं ,जो हजारों वर्षों में घटित होते हैं ।